देहरादून। जिले में बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की कार्यप्रणाली को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (DLRC) और जिला सलाहकार समिति (DCC) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले बैंक और वित्तीय संस्थान अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गरीबों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं
डीएम ने कहा कि ऋण वितरण और वसूली की प्रक्रिया पूरी तरह आरबीआई के नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी गरीब व्यक्ति को कर्ज के बोझ में फंसाकर उसका घर नीलाम करने जैसी स्थिति पैदा की गई और इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, तो संबंधित बैंक और वित्तीय कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
बैठक से गायब बैंकों को नोटिस
समीक्षा बैठक में बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक और आईडीएफसी बैंक का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। इसके अलावा कुछ अन्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक से नदारद रहे। इस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने सभी अनुपस्थित बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
एसबीआई के प्रदर्शन पर जताई नाराजगी
जिले के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो की समीक्षा के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन सबसे कमजोर पाया गया। एसबीआई का सीडी रेशियो केवल 21.73 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि कृषि ऋण वितरण में भी बैंक लक्ष्य से काफी पीछे रहा। इस पर डीएम ने कहा कि देहरादून के लोगों की जमा पूंजी का उपयोग जिले के विकास और रोजगार सृजन में होना चाहिए। केवल जमा राशि जुटाना पर्याप्त नहीं है।
स्वरोजगार योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं
डीएम ने पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन जैसी योजनाओं के आवेदनों को लंबित न रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए और किसी आवेदन को अस्वीकार करने पर उसका स्पष्ट कारण भी बताया जाए।
6 बड़े बैंक मानक से नीचे
लीड बैंक अधिकारी संजय भोटिया ने बताया कि मार्च 2026 तक देहरादून जिले का औसत सीडी रेशियो 42.69 प्रतिशत रहा, जो पिछले तिमाही से बेहतर है। हालांकि एसबीआई, पीएनबी, यूनियन बैंक, यूको बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा अब भी आरबीआई के निर्धारित 40 प्रतिशत मानक से नीचे हैं।
डिजिटल बैंकिंग में देहरादून आगे
जिले के 921 एटीएम में से 916 सक्रिय हैं, जबकि 95.98 प्रतिशत नागरिक डिजिटल लेनदेन से जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत भी लक्ष्य 650 के मुकाबले 751 लाभार्थियों को ऋण वितरित कर रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की गई है।
