डार्क स्काई टूरिज्म से खुल रहे रोजगार के नए द्वार, जून 2026 तक 500 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य
देहरादून। उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड ने राज्य में एस्ट्रो-टूरिज्म और डार्क स्काई कंज़र्वेशन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी पहल करते हुए 300 से अधिक स्थानीय युवाओं को एस्ट्रो-टूरिज्म गाइड के रूप में प्रशिक्षित और सर्टिफाई किया है। यह अभियान राज्य में पर्यटन के नए अवसरों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के दरवाजे खोल रहा है।
यूटीडीबी ने टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल और इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर Starscapes के सहयोग से यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया है। कार्यक्रम के तहत अब तक 320 प्रतिभागियों को नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) लेवल-4 के अंतर्गत प्रमाणित किया जा चुका है। जून 2026 तक 200 और युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे यह देश का सबसे बड़ा कम्युनिटी-लेड एस्ट्रो-टूरिज्म प्रोग्राम बनने जा रहा है।
राज्य के मुनस्यारी, देहरादून, ऋषिकेश, रामनगर, लोहाघाट और पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि लैंसडाउन, कर्णप्रयाग, अल्मोड़ा, नैनीताल और चोपता सहित कई नए डार्क स्काई डेस्टिनेशन में आगामी वर्कशॉप की तैयारी चल रही है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान की मूलभूत जानकारी, टेलिस्कोप संचालन, नाइट स्काई ऑब्जर्वेशन, एस्ट्रोफोटोग्राफी, स्टार स्टोरीटेलिंग, हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट और कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म जैसी आधुनिक स्किल्स सिखाई जा रही हैं।
यूटीडीबी की एडिशनल डायरेक्टर पूनम चंद ने कहा कि उत्तराखंड एस्ट्रो-टूरिज्म के लिए देश का प्रमुख डेस्टिनेशन बनने की क्षमता रखता है। यह पहल पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वहीं, टीएचएससी के सीईओ राजन बहादुर ने कहा कि यह पहल युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को वैश्विक स्तर की स्किल्स से जोड़कर सस्टेनेबल रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है।
स्टारस्केप्स के संस्थापक रामाशीष रे ने कहा कि एस्ट्रो-टूरिज्म उत्तराखंड के स्वच्छ और खूबसूरत रात्रि आकाश को संरक्षित रखते हुए स्थानीय समुदायों के लिए स्थायी आर्थिक अवसर तैयार कर रहा है।
