विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां, होम स्टे, ट्रेकिंग, साहसिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन पर जोर
देहरादून। उत्तराखंड को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने प्रदेश एवं देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा आधुनिक नेविगेशन सुविधाओं के माध्यम से पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है।
6 हजार से अधिक होम स्टे से युवाओं को रोजगार
पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 6,000 से अधिक पंजीकृत होम स्टे संचालित हो रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं तथा पर्यटन का लाभ सीधे ग्रामीण क्षेत्रों और स्थानीय समुदायों तक पहुंच रहा है।
100 ट्रेकिंग रूट की GPS-GIS मैपिंग
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 100 ट्रेकिंग मार्गों की GPS एवं GIS मैपिंग का कार्य शुरू किया गया है। इनमें 50 मार्ग गढ़वाल और 50 मार्ग कुमाऊं के हैं। इसके आधार पर मोबाइल ट्रेकिंग नेविगेशन ऐप और ‘द ट्रेक्स ऑफ उत्तराखंड’ कॉफी टेबल बुक तैयार की जाएगी। इससे ट्रेकिंग मार्गों की सटीक जानकारी उपलब्ध होने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा भी बेहतर होगी।
साहसिक पर्यटन को मिल रही नई पहचान
सतपाल महाराज ने कहा कि साहसिक पर्यटन उत्तराखंड की नई पहचान बन रहा है। 24 से 26 अक्टूबर तक प्रस्तावित आदि कैलाश परिक्रमा 2.0 आदि कैलाश एवं ओम पर्वत क्षेत्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन और नीति वैली अल्ट्रा जैसे आयोजनों से सीमांत क्षेत्रों की पर्यटन क्षमता सामने आई है। नवंबर 2026 में प्रस्तावित हिमालयन कार रैली भी साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बारहमासी पर्यटन पर फोकस
पर्यटन मंत्री ने कहा कि सरकार उत्तराखंड को बारहमासी पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए काम कर रही है। शीतकालीन चारधाम यात्रा, स्नो ट्रेकिंग, एस्ट्रो टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन जैसी गतिविधियों के जरिए वर्षभर पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
नवंबर में एकता नगर में भारत पर्व और लंदन में वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट के माध्यम से उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
‘भारत की आध्यात्मिक राजधानी’ बनाने का रोडमैप
सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड को ‘भारत की आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में स्थापित करने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। इसके तहत शाक्त, शैव, वैष्णव, विवेकानंद, नरसिंह, गोल्ज्यू, गुरुद्वारा, नवग्रह, नागराजा, हनुमान और महासू देवता सर्किट विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक, आधुनिक पर्यटन सुविधाओं, साहसिक गतिविधियों और आध्यात्मिक पर्यटन के समन्वय से उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के प्रयास जारी हैं।
