देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की प्रगति, वित्तीय स्थिति, पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर घर जल के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के साथ ही योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन की सफलता केवल घरों में नल कनेक्शन पहुंचाने तक सीमित नहीं है। असली सफलता तब होगी, जब हर परिवार को नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो। उन्होंने पूर्ण हो चुकी योजनाओं का स्थलीय सत्यापन कराने के भी निर्देश दिए।
15,540 योजनाएं पूरी, 1,015 पर काम जारी
बैठक में बताया गया कि राज्य में जल जीवन मिशन के तहत कुल 16,555 योजनाओं में से 15,540 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। राज्य की औसत प्रगति 92.46 प्रतिशत है, जबकि 1,015 योजनाएं अभी प्रगति पर हैं।
ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि राज्य के 14.48 लाख ग्रामीण परिवारों में से 14.20 लाख परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
वहीं, राज्य के 14,979 गांवों में से 9,796 गांवों में हर नल से जल की उपलब्धता का सत्यापन पूरा किया जा चुका है।
लंबित योजनाओं को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन और लंबित पेयजल योजनाओं को मिशन मोड में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर योजनाओं से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने प्रत्येक योजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा जनपदवार लक्ष्य, समयसीमा और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए। अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा।
पहाड़ों में जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवीकरण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के पुनर्भरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही प्रत्येक जिले में पेयजल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने योजनाओं के निर्माण के साथ-साथ उनके नियमित संचालन और स्थायी रख-रखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव रोहित मीणा, झरना कमठान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य आंकड़े:
- 16,555 कुल योजनाएं
- 15,540 योजनाएं पूर्ण
- 1,015 योजनाएं प्रगति पर
- 92.46% राज्य की औसत प्रगति
- 14.20 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन
- 9,796 गांवों में हर नल से जल का सत्यापन पूरा
