देहरादून। 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर सोमवार को विकास भवन स्थित जिला अर्थ एवं सांख्याधिकारी कार्यालय में पद्म विभूषण प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जिला अर्थ एवं सांख्याधिकारी शशि कांत गिरी ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम “Unlocking the Potential of Administrative Data” यानी “प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना” रखी गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में सुशासन और प्रभावी नीति निर्माण का आधार विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आधार, राशन कार्ड, भूमि अभिलेख, शिक्षा, स्वास्थ्य और कर भुगतान जैसे प्रशासनिक आंकड़े शासन व्यवस्था की महत्वपूर्ण पूंजी हैं। यदि इनका वैज्ञानिक प्रबंधन और समुचित उपयोग किया जाए तो नीति निर्माण अधिक प्रभावी होगा, संसाधनों का बेहतर नियोजन संभव होगा और पारदर्शी व समावेशी शासन को मजबूती मिलेगी।
डेटा गुणवत्ता और समन्वय सबसे बड़ी चुनौती
शशि कांत गिरी ने कहा कि प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर उपयोग में डेटा की गुणवत्ता, विभागों के बीच समन्वय की कमी, गोपनीयता संबंधी चुनौतियां और तकनीकी अवसंरचना की सीमाएं प्रमुख बाधाएं हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए आंकड़ों का मानकीकरण, अंतर-विभागीय एकीकरण, डेटा सुरक्षा के मजबूत प्रावधान और प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया जैसी पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
महालनोबिस ने आधुनिक सांख्यिकी को दी नई दिशा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिशासी अभियंता (लघु सिंचाई) विनय कुमार ने कहा कि प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने सैंपल सर्वे (Sample Survey) की अवधारणा को विकसित कर आधुनिक सांख्यिकी को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1945 में वे Royal Society, London के फेलो चुने गए, 1957 में International Statistical Institute के अध्यक्ष बने और भारत सरकार ने उन्हें 1968 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया।
अपर सांख्यिकी अधिकारी डॉ. बृजपाल सिंह ने बताया कि महालनोबिस ने वर्ष 1931 में Indian Statistical Institute की स्थापना की थी। स्वतंत्रता के बाद उन्हें भारत सरकार का सांख्यिकी सलाहकार भी नियुक्त किया गया।
कार्यक्रम में अपर सांख्यिकी अधिकारी उदित कुमार, नवीन कुमार सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
गुणवत्ता और नवाचार का दिया संदेश
कार्यक्रम के अंत में जिला अर्थ एवं सांख्याधिकारी शशि कांत गिरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से सांख्यिकी के क्षेत्र में गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए राष्ट्रीय विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
