मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में बीती मध्यरात्रि के बाद आए भीषण तूफान ने भारी तबाही मचा दी। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के चलते दर्जनों मकानों की छतें उड़ गईं, कई विशाल पेड़ सड़क और मकानों पर गिर पड़े, जबकि विद्युत पोल टूटने से पूरा शहर घंटों अंधेरे में डूबा रहा। तूफान इतना भयावह था कि लोग पूरी रात दहशत में जागते रहे।
तूफान के चलते मालरोड, कैमलबैक रोड, हुसैनगंज, कंपनी बाग, हाथी पांव और मसूरी-देहरादून मार्ग समेत कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ। जगह-जगह पेड़, टीन शेड, बिजली के खंभे और टूटे बोर्ड सड़कों पर बिखरे दिखाई दिए, जिससे यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।
तिनकों की तरह उड़ीं छतें, घरों में सहमे बैठे रहे परिवार
स्थानीय लोगों के अनुसार रातभर चली तेज आंधी ने कई मकानों की छतें उड़ा दीं। कई परिवार बिना छत के घरों में सहमे बैठे रहे। वहीं कई दुपहिया और चार पहिया वाहन पेड़ों और पत्थरों की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए। लोगों का कहना है कि मसूरी में इससे पहले इतना लंबा और भयावह तूफान कभी नहीं देखा गया।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
बिजली-पानी व्यवस्था ठप, घंटों अंधेरे में डूबा शहर
तूफान के कारण जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से पूरी मसूरी की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। कई क्षेत्रों में दोपहर तक बिजली बहाल नहीं हो सकी, जबकि कुछ इलाकों में शाम तक भी अंधेरा पसरा रहा। बिजली गुल होने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित रही और लोगों को सुबह पानी तक नसीब नहीं हुआ।
पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने लिया नुकसान का जायजा
सुबह होते ही पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने पालिका अधिशासी अधिकारी और क्षेत्रीय सभासदों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाया और संबंधित विभागों को तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
पालिकाध्यक्ष ने विद्युत विभाग, वन विभाग और नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों से गिरे पेड़, टीन और मलबा हटाकर यातायात जल्द सुचारू कराया जाए तथा क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएं।
लोगों ने मांगी स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पहाड़ी क्षेत्रों में जर्जर पेड़ों और कमजोर विद्युत पोलों की समय रहते पहचान कर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बड़े हादसों को रोका जा सके।
