देहरादून | 13 अप्रैल 2026 मा0 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 14 अप्रैल को प्रस्तावित देहरादून दौरे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात सेक्टर एवं नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारियों के प्रति स्पष्ट रूप से ब्रीफ करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं का एक बार फिर स्थलीय निरीक्षण कर समय रहते कमियों को दूर करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल और पेयजल विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों को मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य प्रोटोकॉल के अनुसार और आपसी समन्वय के साथ पूरे किए जाएं।
कार्यक्रम स्थल पर मुख्य मंच की व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। डाइस प्लान, एनएचएआई के माध्यम से एक्सप्रेस हाईवे का लोकार्पण, एंकरिंग, साउंड सिस्टम, एलईडी और मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुरूप तैयारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ग्रीन रूम में इंटरनेट और फैक्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया।
पंडाल में अतिथियों के बैठने, जलपान, वाहन पार्किंग, पेयजल, मोबाइल टॉयलेट और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था के साथ आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर एंबुलेंस की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।
डीएम ने सभी अधिकारियों को कार्यक्रम के दिन समय से अपने ड्यूटी प्वाइंट पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। आशारोड़ी से गढ़ीकैंट तक प्रस्तावित मार्ग पर स्वागत कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा, यातायात और शांति व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। वहीं जॉलीग्रांट एयरपोर्ट और जीटीसी हेलीपैड पर भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री 14 अप्रैल को सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के गणेशपुर से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर देहरादून में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने पूरे रूट को 13 जोनों में विभाजित कर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
