चमोली के जिलाधिकारी ने आपदा प्रभावित क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण
राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी और शहीद भवानीदत्त इंटर कॉलेज चेपड़ो को बनाया गया रिलीफ सेंटर।

चमोली/देहरादून। 23 अगस्त 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार थराली क्षेत्र में आपदा राहत कार्य तेज गति से चल रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ ही एनडीआरएफ एसडीआरएफ आईटीबीपी और एसएसबी द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बीती रात तहसील थराली के अन्तर्गत टुनरी गदेरे में पानी बढ़ने के कारण तहसील परिसर, चेपड़ो बाजार, कोटदीप बाजार और कुछ घरों में 1 से 2 फीट मलबा घुस गया और कुछ वाहन भी मलबे में दबे है।
रा.उ.नि. थराली द्वारा बताया गया कि ग्राम संगवाड़ा में एक मकान में मलबा आने के कारण एक लड़की मलबे में दब गयी थी जिसके शव को डीडीआरएफ थराली के जवानों के द्वारा रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा अतिवृष्टि के कारण ग्राम चेपड़ो में एक व्यक्ति लापता है जिसकी खोजबीन प्रशासन द्वारा की जा रही है।
जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर राहत-बचाव कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। एनडीआरएफ एसडीआरएफ और पुलिस बल की टीमें राहत बचाव का कार्य कर रही हैं। शनिवार को मौके पर जिला प्रशासन तहसील प्रशासन पुलिस विभाग डीडीआरएफ के 07 जवान एनडीआरएफ के 27 जवान एसडीआरएफ के 12 जवान एसएसबी ग्वालदम के 12 जवान बीआरओ स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की तैनाती कर दी गयी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 04 चिकित्साधिकारी, 06 स्टॉफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर मय एम्बुलेंस जीवन रक्षक औषधि सहित एलर्ट मोड पर है, इसके अतिरिक्त दो 108 एम्बुलेंस एवं 02 विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी की टीम एसडीएच कर्णप्रयाग में तैनात कर दी गयी है। अतिरिक्त 02 चिकित्साधिकारी पीएचसी देवाल से भी तैनाती की गयी है।उन्होंने बताया राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और शहीद भवानीदत्त इंटर कॉलेज चेपड़ो में रिलीफ सेंटर बनाया गया है।
लोगों को रिलीफ सेंटर तक लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गयी है। जिलाधिकारी ने बताया मौके पर जेसीबी मशीन, रस्सी, वुड कटर, स्ट्रेचर और अन्य आवश्यक वस्तुएं आपदा स्थल पर भेज दी गयीं हैं।भारी बारिश को देखते हुए आज थराली, देवाल व नारायणबगड़ विकासखंड के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।




