देहरादून, 27 जून। अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर मसूरी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में होटल व्यवसायियों ने नशामुक्त और सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत मसूरी टाउन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े लोगों को नशे के दुष्प्रभावों, कानूनी प्रावधानों और रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
समाज कल्याण विभाग, राजकीय नशा मुक्ति केंद्र (रायवाला) और एसपीवाईएम (SPYM) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में नगर पार्षदों, स्थानीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष रजत अग्रवाल सहित रैडिसन, एलबी होटल समेत कई प्रतिष्ठित होटल, रिसॉर्ट और गेस्ट हाउस के संचालकों, प्रबंधकों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. राजेश कुमार ने होटल उद्योग से जुड़े लोगों को बताया कि पर्यटन स्थलों पर नशे की रोकथाम केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि सभी हितधारकों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के कड़े कानूनी प्रावधानों, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने के तरीकों तथा समय रहते प्रशासन को सूचना देने के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सुरक्षित और स्वच्छ पर्यटन राज्य के रूप में बनी रहे, इसके लिए होटल व्यवसायियों की सतर्कता और सहयोग बेहद आवश्यक है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने संस्थानों में नशामुक्त वातावरण बनाए रखने, कर्मचारियों को जागरूक करने तथा पर्यटकों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प लिया।
