देहरादून। प्रदेश में संचालित 100 दिवसीय नशामुक्ति अभियान के तहत बुधवार को देहरादून स्थित स्टेट नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यार्थियों को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया।
डॉ. रावत ने कहा कि युवाशक्ति देश और प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज पर भी गंभीर असर डालता है। ऐसे में नशे के खिलाफ लड़ाई समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए। विशेष रूप से स्वास्थ्य एवं नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी जनजागरूकता फैलाने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि नशे के विरुद्ध चल रहे अभियान को जनांदोलन का स्वरूप देने के लिए वे सक्रिय सहभागिता निभाएं। अपने संकल्प, व्यवहार और जागरूकता के माध्यम से युवा स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में रजिस्ट्रार नर्सिंग काउंसिल मनीषा ध्यानी, प्राचार्य स्टेट नर्सिंग कॉलेज ममता कपरुवाण सहित विभागीय अधिकारी, नर्सिंग फैकल्टी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
