देहरादून। उत्तराखंड में राज्य कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कर संग्रहण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में नेट एसजीएसटी (SGST) संग्रहण में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं नॉन-जीएसटी संग्रहण में 12 प्रतिशत और कुल कर संग्रहण में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
शनिवार को प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में जीएसटी संग्रहण, कर अनुपालन, विशेष जांच, मोबाइल स्क्वाड, ऑडिट कार्यों और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि अप्रैल-जून 2026 के दौरान नॉन-जीएसटी संग्रहण ₹658 करोड़ से बढ़कर ₹740 करोड़ हो गया, जबकि नेट एसजीएसटी संग्रहण ₹2,457 करोड़ से बढ़कर ₹3,056 करोड़ पहुंच गया। इसी अवधि में कुल कर संग्रहण ₹3,115 करोड़ से बढ़कर ₹3,796 करोड़ दर्ज किया गया।
केंद्रीय खुफिया इकाई के कार्यों की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इकाई के माध्यम से ₹12.92 करोड़ की वसूली हुई थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून तक ही ₹16.48 करोड़ की वसूली दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 27.6 प्रतिशत अधिक है।
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जीएसटी संग्रहण में आई इस सकारात्मक बढ़त को आगे भी बनाए रखा जाए। उन्होंने कर अनुपालन को बढ़ावा देने, तकनीक और उपलब्ध आंकड़ों का प्रभावी उपयोग करने तथा विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि करदाताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। साथ ही होटल एवं रेस्टोरेंट सेवाओं, वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट सहित विभिन्न क्षेत्रों में जीएसटी अनुपालन को और मजबूत करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए।
बैठक में वित्त सचिव दिलीप जावलकर, आयुक्त राज्यकर प्रतीक जैन, अपर सचिव एवं अपर आयुक्त मनमोहन मैनाली, अपर सचिव एवं अपर आयुक्त अनिल सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
