देहरादून में ‘आह्वान’ जागरूकता सत्र आयोजित, हजारों विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज बनाने की ली शपथ

देहरादून। नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देहरादून में एनकॉर्ड (NCORD) के अंतर्गत ‘आह्वान: जागरूकता, संकल्प और नशामुक्त भविष्य’ विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सोच-समझकर निर्णय लेने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की सोच, निर्णय लेने की क्षमता और भविष्य को प्रभावित कर सकता है। कई बार युवा तात्कालिक आनंद, साथियों के दबाव या दूसरों को प्रभावित करने की चाह में नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं। ऐसे में युवाओं को अपने निर्णयों के प्रति सजग रहते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सही निर्णय और आत्मानुशासन से संवरेगा भविष्य
जिलाधिकारी ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम होना जरूरी है। उन्होंने प्रकृति के सिद्धांत ‘Survival of the Fittest’ यानी योग्यतम की उत्तरजीविता का उल्लेख करते हुए युवाओं को अपनी क्षमताओं का सकारात्मक उपयोग करने, आत्मानुशासन बनाए रखने और जागरूक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए व्यक्तिगत जिम्मेदारी के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवावस्था में लिए गए निर्णय और अपनाई गई आदतें जीवन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए युवाओं को क्षणिक आकर्षण के बजाय अपने स्वास्थ्य, पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। युवाओं की सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एनकॉर्ड की कार्यप्रणाली और गतिविधियों की दी जानकारी
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार ने विद्यार्थियों को एनकॉर्ड (NCORD) की संरचना, कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है। नशामुक्ति के प्रयासों को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज और युवाओं की सहभागिता भी आवश्यक है।
हजारों विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के समापन अवसर पर नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत हजारों विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली।
‘आह्वान’ जागरूकता सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि नशामुक्त भविष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संकल्प, जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी से संभव है। युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
