आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और पुनर्वास की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल
देहरादून। जिला कारागार, देहरादून में निरुद्ध महिला बंदियों के व्यक्तित्व विकास, व्यक्तिगत स्वच्छता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विशेष पहल की। इसके तहत क्लाउड-9 यूनिसेक्स सैलून, देहरादून के सहयोग से 44 महिला बंदियों के लिए ब्यूटी एवं ग्रूमिंग प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान क्लाउड-9 की अधिकारी मिली थावानी के नेतृत्व में महिला बंदियों को हेयरकट, क्लीनअप, थ्रेडिंग, वैक्सिंग सहित विभिन्न व्यक्तिगत देखभाल संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इस पहल का उद्देश्य महिला बंदियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वयं की देखभाल और ग्रूमिंग के प्रति जागरूक करना तथा उनके भीतर सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास विकसित करना रहा।
सुधार और पुनर्वास को बढ़ावा देना उद्देश्य
यह कार्यक्रम जिला न्यायाधीश, देहरादून हरीश कुमार गोयल के दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि कारागार में सुधार और पुनर्वास की अवधारणा केवल विधिक सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि निरुद्ध व्यक्तियों के व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक दोबारा स्थापित होने के अवसर प्रदान करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महिला बंदियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, स्वयं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित करते हैं।
महिला बंदियों की गरिमा और आत्मसम्मान पर जोर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों की गरिमा, आत्मसम्मान और पुनर्वास को प्रोत्साहित करना है। व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वयं की देखभाल से जुड़ी गतिविधियां उनके भीतर सकारात्मक बदलाव की भावना विकसित करने में सहायक हो सकती हैं। ऐसे प्रयास यह संदेश भी देते हैं कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बेहतर भविष्य की संभावनाएं बनी रहती हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, विधिक सेवा संस्थाओं की जिम्मेदारी जरूरतमंद लोगों को न्याय तक पहुंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके अधिकारों, मानवीय गरिमा और पुनर्वास से जुड़े प्रयासों को प्रोत्साहित करना भी है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए प्राधिकरण ने क्लाउड-9 की अधिकारी मिली थावानी का आभार व्यक्त किया। प्राधिकरण ने भविष्य में भी बंदियों और समाज के वंचित वर्गों के हित में विधिक जागरूकता, कौशल विकास तथा पुनर्वास से संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई।
