रैपिडो, स्विगी, जोमैटो समेत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर परिवहन विभाग की नजर
देहरादून। उत्तराखंड में निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। निजी वाहनों से किराये पर सवारियां ढोने के साथ-साथ खाने-पीने की वस्तुओं, किराना और अन्य सामान की डिलीवरी करने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी श्रेणी में पंजीकृत वाहनों का व्यावसायिक उपयोग नियमों के विरुद्ध है।
देहरादून में रैपिडो, स्विगी, जोमैटो समेत अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल के मामले सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। देहरादून संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में भी निजी वाहनों के व्यावसायिक संचालन पर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है।
ऐप के जरिए बुक कर कार्रवाई कर रहा विभाग
परिवहन विभाग की टीमों के लिए निजी वाहनों को व्यावसायिक इस्तेमाल करते हुए पकड़ना चुनौतीपूर्ण रहता है। इसी को देखते हुए विभागीय अधिकारी ऑनलाइन ऐप के माध्यम से वाहन बुक कर उनकी मौके पर जांच कर रहे हैं। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन को सीज किया जा रहा है।
उप परिवहन आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी के अनुसार, देहरादून में अब तक 100 से अधिक दोपहिया वाहनों को सीज किया जा चुका है। इसके अलावा संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित करने वाली कंपनियों को नोटिस दिए गए हैं और उनके कार्यालयों में भी कार्रवाई की गई है।
पार्सल डिलीवरी करने वाले निजी वाहन भी रडार पर
विभाग की कार्रवाई फिलहाल केवल निजी वाहनों से सवारी ढोने तक सीमित नहीं रहेगी। निजी वाहनों से खाने-पीने की सामग्री, किराना और अन्य पार्सल की डिलीवरी करने वालों को भी नोटिस दिए जा रहे हैं। विभाग ने संकेत दिया है कि आगे जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर ऐसे वाहनों के खिलाफ भी चालान और सीज की कार्रवाई की जाएगी।
कमर्शियल वाहन के रूप में कराएं पंजीकरण
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े चालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वाहन का व्यावसायिक इस्तेमाल करना है तो उसे कमर्शियल वाहन की श्रेणी में पंजीकृत कराना होगा। इसके साथ ही वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा और अन्य जरूरी दस्तावेज भी होने चाहिए।
शैलेश कुमार तिवारी ने कहा कि निजी वाहनों से सवारियां ढोना यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर विषय है। दुर्घटना की स्थिति में बीमा संबंधी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। इसके अलावा ऐसे वाहनों के व्यावसायिक संचालन से परमिट लेकर चलने वाले वैध वाहन संचालकों को भी नुकसान होता है।
देहरादून के बाद अन्य क्षेत्रों में भी चलेगा अभियान
परिवहन विभाग अब देहरादून के अलावा ऋषिकेश, विकासनगर, सहसपुर समेत अन्य क्षेत्रों में भी जांच अभियान चलाने की तैयारी में है। सार्वजनिक स्थानों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जहां निजी वाहनों के माध्यम से सवारी या पार्सल बुकिंग की संभावना रहती है।
विभाग ने साफ किया है कि निजी वाहन का व्यावसायिक इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर चालान के साथ वाहन सीज करने और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से नियमों का पालन करने और व्यावसायिक कार्यों के लिए नियमानुसार कमर्शियल वाहन का ही इस्तेमाल करने की अपील की है।
