देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में वन्यजीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों की आर्थिकी मजबूत करने पर जोर दिया है। शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, वन्यजीव कॉरिडोरों के संरक्षण और आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सभी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी सभी स्वीकृत परियोजनाओं में निर्धारित शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
साहसिक नागरिकों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान
सीएम धामी ने घोषणा की कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान दूसरों की जान बचाने के लिए साहसिक प्रदर्शन करने वाले आम नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही वन्यजीव हमलों में मृतक और घायलों के परिजनों को निर्धारित समय में मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
एआई, ड्रोन और कैमरा ट्रैप से होगी निगरानी
बैठक में बताया गया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), कैमरा ट्रैप, ड्रोन, एआई आधारित निगरानी, सर्प बचाव किट और सोलर लाइट जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। वन्यजीवों के प्राकृतिक जल स्रोतों और चारागाहों के विकास के साथ वनाग्नि प्रबंधन को भी मजबूत किया जाएगा।
जनहित की परियोजनाओं को मिली अनुमति
बैठक में राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में गैस पाइपलाइन, अन्य संरक्षित क्षेत्रों में सड़क, आईटीबीपी अवसंरचना और ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के साथ राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को भेजने की अनुमति दी गई।
कॉर्बेट-राजाजी में टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स पर चर्चा
राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा, फील्ड स्टाफ को विशेष प्रोत्साहन और वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए विशेष QRT टीमों की तैनाती के निर्देश भी दिए।
