ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित होटल नटराज में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक में प्रतिभाग करते हुए देशभर से आए महापौरों का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र की कुल 29.78 करोड़ रुपये की तीन महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने 23.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के अंतर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनिटरी लैंडफिल साइट का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 1.80 करोड़ रुपये की लागत से 10 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन निर्माण तथा 4.83 करोड़ रुपये की लागत से 12 स्थानों पर वर्षा जल संचयन कार्यों का शिलान्यास भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महापौर केवल अपने शहर के प्रथम नागरिक ही नहीं, बल्कि वहां के लोगों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के प्रतिनिधि भी होते हैं। उनके निर्णयों का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, जबकि नागरिकों के सपने और संभावनाएं शहरों में आकार लेती हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड से विशेष लगाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश में शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिले हैं। स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना जैसी पहलें शहरों के विकास और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि इस वर्ष मात्र 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं, जो
नया रिकॉर्ड है। वहीं आदि कैलाश और मां पूर्णागिरि धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तराखंड पहुंचे हैं, जो राज्य की बढ़ती लोकप्रियता और बेहतर व्यवस्थाओं का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर देश की पहचान और छवि को दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। यदि हमारे शहर स्वच्छ, सुव्यवस्थित, सुरक्षित और समृद्ध होंगे तो भारत भी वैश्विक स्तर पर एक विकसित और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में आत्मनिर्भर और आधुनिक महानगरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सौर ऊर्जा, कूड़ा प्रबंधन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान सहित देशभर के विभिन्न शहरों से आए महापौर और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
