दीपावली पर स्वदेशी LED लड़ियों से रोशन होंगे घर, मिलेट्स के गिफ्ट हैंपर से महकेगी मिठास – Republic India News

दीपावली पर स्वदेशी LED लड़ियों से रोशन होंगे घर, मिलेट्स के गिफ्ट हैंपर से महकेगी मिठास

देहरादून में महिला स्वयं सहायता समूहों की बड़ी उपलब्धि, 350 महिलाएं बना रहीं स्वदेशी LED लड़ियां, मिलेट्स उत्पादों के 2,000 से अधिक गिफ्ट हैंपर बिके

देहरादून। दीपावली की रौनक इस बार देहरादून की ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता से भी जगमगा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं स्वदेशी उत्पादों के निर्माण और बिक्री के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। एक ओर महिलाएं स्वदेशी हिलान्स LED लड़ियां तैयार कर घरों को रोशन कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी मिलेट्स से बने आकर्षक गिफ्ट हैंपर लोगों के त्योहार की मिठास बढ़ा रहे हैं। दोनों महिला क्लस्टरों ने दीपावली के अवसर पर लाखों रुपये का कारोबार कर महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है।

मिलेट्स के गिफ्ट हैंपर की बाजार में बढ़ी मांग, 18 लाख रुपये से अधिक की कमाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए विकासनगर ब्लॉक के ग्राम सोरना डोभरी स्थित स्वाभिमान महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाएं स्थानीय मिलेट्स से तैयार स्वादिष्ट उत्पादों के गिफ्ट हैंपर बाजार में उतार रही हैं। दीपावली और भैया दूज के लिए तैयार इन हैंपर में हैंडमेड कुकीज, रागी हनी बिस्किट, फ्रूट एंड नट्स चॉकलेट, गुड़ मिल्क बिस्किट, रागी चॉकलेट, मंडुआ केक और मंडुआ चॉकलेट जैसे उत्पाद शामिल हैं।

इन उत्पादों की मांग विकासनगर के अलावा देहरादून, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल तक पहुंच रही है। ग्राहकों की पसंद के अनुसार अलग-अलग आकार और कीमतों में गिफ्ट हैंपर तैयार किए जा रहे हैं।

स्वाभिमान बेकरी यूनिट की सदस्य कल्पना बिष्ट ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) से जुड़कर उन्होंने बेकरी यूनिट स्थापित की थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से सरकारी आयोजनों में स्टॉल लगाने के अवसर भी मिले। इस वर्ष दीपावली पर कई बड़े संस्थानों से गिफ्ट हैंपर के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। अब तक 2,000 से अधिक गिफ्ट हैंपर बेचकर 18 लाख रुपये से ज्यादा की आय अर्जित की जा चुकी है। इस यूनिट से गांव की आठ अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है।

1.30 लाख LED लड़ियों का ऑर्डर, 1.05 लाख की आपूर्ति पूरी

उधर, रायपुर विकासखंड के सोडा सरोली ग्रोथ सेंटर में दिव्य ज्योति क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाएं मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत स्वदेशी हिलान्स LED लड़ियों का निर्माण कर रही हैं। क्लस्टर को कुल 1 लाख 30 हजार LED लड़ियां तैयार करने का ऑर्डर मिला है। सोडा सरोली और थानों न्याय पंचायत के ग्रोथ सेंटरों से जुड़ी करीब 350 महिलाएं अपने घरों पर ही इन लड़ियों का निर्माण कर परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं।

क्लस्टर की अध्यक्ष ममता कोठियाल के अनुसार, बाजार में LED लड़ियां करीब 120 रुपये प्रति पैकेट की दर से बिक रही हैं, जबकि इनके निर्माण की लागत 70 से 80 रुपये तक आती है। प्रत्येक महिला को 100 पैकेट तैयार करने पर लगभग 700 रुपये की आय प्राप्त हो रही है। अब तक 1 लाख 5 हजार लड़ियों की आपूर्ति पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष 25 हजार लड़ियों का निर्माण जारी है।

इन स्वदेशी LED लड़ियों के जरिए महिलाएं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही विदेशी उत्पादों के स्थान पर देश में बने सामान को अपनाने का संदेश भी दे रही हैं।

महिला उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा, लखपति दीदी बनने की राह हुई आसान

सहायक परियोजना निदेशक अनीता पंवार ने बताया कि दोनों क्लस्टरों की महिलाएं दीपावली के अवसर पर पूरे उत्साह और समर्पण के साथ आजीविका संवर्धन के कार्यों में जुटी हैं। दिव्य ज्योति क्लस्टर की महिलाएं अब तक 1.05 लाख LED लड़ियों की आपूर्ति कर चुकी हैं, जबकि स्वाभिमान महिला क्लस्टर की महिलाएं पहाड़ी मिलेट्स से तैयार गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के गिफ्ट हैंपर विभिन्न संस्थानों तक पहुंचा रही हैं।

उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ लखपति दीदी बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।

दीपावली पर ग्रामीण महिलाओं की यह पहल केवल त्योहार की खुशियों को बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रेरक उदाहरण भी है। इन महिलाओं की मेहनत साबित कर रही है कि हुनर, अवसर और आत्मविश्वास के संगम से गांवों में भी रोजगार और समृद्धि की नई रोशनी जगाई जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *