न्यायिक अधिकारियों के नेतृत्व में 26 से 31 अक्टूबर तक चला विशेष अभियान, बाल अधिकारों, POCSO कानून और साइबर सुरक्षा की दी गई जानकारी
देहरादून। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की ओर से संचालित ‘सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान’ के तहत जनपद के लगभग 60,000 विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। 26 से 31 अक्टूबर तक चले इस विशेष अभियान के दौरान विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों के नेतृत्व में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों तथा उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, POCSO अधिनियम और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।
सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श की दी जानकारी
अभियान के तहत आयोजित शिविरों में विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, बाल शोषण एवं उत्पीड़न से बचाव और किसी भी अनुचित व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रमों में साइबर विभाग, बाल कल्याण समिति (CWC), विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU), किशोर न्याय बोर्ड (JJB), केस वर्कर्स, शिक्षक, पैनल अधिवक्ता एवं पराविधिक स्वयंसेवकों (PLVs) ने सक्रिय भूमिका निभाई।
हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
विद्यार्थियों को आपातकालीन एवं जरूरत के समय सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें निःशुल्क विधिक सहायता के लिए 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 और साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 शामिल हैं।
बच्चों को संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न अथवा अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप न रहें और बिना किसी भय या संकोच के अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को तत्काल इसकी जानकारी दें।
प्रतियोगिताओं और हेल्प डेस्क से बढ़ाई जागरूकता
अभियान को अधिक प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए विद्यालयों में जागरूकता प्रतियोगिताओं और हेल्प डेस्क का आयोजन भी किया गया। इसके अलावा बच्चों तक बाल संरक्षण से जुड़े संदेश लगातार पहुंचाने के लिए विद्यालयों को पोस्टर, बुकलेट एवं अन्य जागरूकता सामग्री उपलब्ध कराई गई।
‘सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित समाज की आधारशिला’
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव श्रीमती सीमा डूंगराकोटी ने कहा कि सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित समाज और सशक्त भविष्य की आधारशिला है। प्राधिकरण का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो तथा स्वयं को असुरक्षित परिस्थितियों से बचाने में सक्षम बने। जरूरत पड़ने पर प्रत्येक बच्चे को बिना किसी भय या संकोच के सहायता उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से लगभग 60 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समस्त न्यायिक अधिकारियों, विभिन्न विभागों, विद्यालयों एवं अन्य प्रतिभागियों का आभार भी व्यक्त किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून ने स्पष्ट किया कि बच्चों के अधिकारों का संरक्षण, विधिक जागरूकता का प्रसार और समाज के कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।
