अल्मोड़ा। भैंसियाछाना ब्लॉक के बाड़ेछीना स्थित छानी गांव में बीते रोज गए ग्रामीण पर गुलदार के हमले के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगा दिया था। जिससे कि उसमें गुलदार कैद हो सके। किन्तु लगाए गए पिंजरे में गुलदार का शवक कैद हो गया। इस दौरान शावक की मां भी क्षेत्र में घूमती देखी गयी। जिसके बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहोल बन गया। गांव के लोगों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर तुरंत शावक को कैद से आजाद कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। वहीं तेंदुए के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाया है।
बीते दिनों अपने घर से दुकान की ओर जा रहे दीवान सिंह पर घात लगाए बैठे एक तेंदुए ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। तब वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायल को उपचार के लिए अल्मोड़ा जिला अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद अलर्ट मोड़ पर आए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर तेंदुए की सक्रियता जानने को ट्रैप कैमरे लगाए गए। इसके साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए गए। लेकिन घटना के बाद देर शाम तेंदुए तो नहीं लेकिन एक चार माह का शावक जरूर पिंजरे में फंस गया।
शावक के पिंजरे में कैद होने की खबर फैलते ही वहां लोगों की भारी भीड़ जुट गई। यह शावक लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना गया। लोगों ने पिंजरे में कैद शावक का वीडियो बना कर इस सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। लंबे समय तक शावक कैद से आजाद होने की जद्दोजहद करता रहा। लेकिन वह इसमें नाकाम साबित हुआ। सूचना मिलते हुए वन विभाग की टीम फौरन मौके पर पहुंची। जहां वन कर्मियों की शावक का रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वहीं गुलदार की धमक से स्थानीय लोग खौफजदा है और घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को झुंड में निकलने की अपील की है।
