देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में जनकल्याण, रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक हित, शिक्षा, खेल, पर्यटन, पेयजल, न्यायिक आधारभूत ढांचे और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी।
इन फैसलों में हल्द्वानी के लामाचैड़ क्षेत्र में हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए करीब 30 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण, सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी गौ एवं भैंस खरीद पर सब्सिडी, मजदूरी संहिता नियमावली-2026, औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 और राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 122 पदों का सृजन प्रमुख हैं।
हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचैड़ क्षेत्र में उपलब्ध करीब 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार लगभग 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे कुमाऊं क्षेत्र में न्यायिक आधारभूत ढांचे के विस्तार का रास्ता साफ होगा।
सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा सब्सिडी का लाभ
राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना में शामिल किया गया है। लाभार्थी अब गाय के साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे।
पशु की यूनिट कॉस्ट को ₹40 हजार से बढ़ाकर ₹60 हजार किया गया है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। योजना से प्रथम वर्ष में करीब 2,128 पशुपालकों को लाभ मिलने का अनुमान है।
सरकार के मुताबिक, इस निर्णय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ पशुपालकों की आय बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और पलायन रोकने में मदद मिलेगी।
मजदूरों के हित में बड़ा फैसला, मजदूरी संहिता नियमावली-2026 मंजूर
कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को लागू करने की मंजूरी दी है। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान और डिजिटल माध्यम से भुगतान जैसे प्रावधान शामिल हैं।
इसके अलावा समान कार्य के लिए महिला और पुरुष श्रमिकों को समान वेतन सुनिश्चित करने का प्रावधान भी किया गया है।
एससी-एसटी छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है।
इससे छात्र-छात्राओं को बेहतर आवास, भोजन, शैक्षणिक वातावरण और सर्वांगीण विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी।
ईको टूरिज्म को मिलेगा नया प्रोत्साहन
राज्य में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन किया गया है। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
इससे पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण और स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
GST कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी
केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुरूप उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे राज्य की कर व्यवस्था को राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप अद्यतन किया जा सकेगा।
राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में 122 नियमित पद होंगे सृजित
गौलापार, हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए 122 नियमित पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों की भी स्वीकृति दी गई है।
इससे विश्वविद्यालय में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बंगाली अनुसूचित जाति समुदाय के हित में समिति में बदलाव
दिनेशपुर और शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में उपाध्यक्ष एवं सदस्य पदों पर इसी समुदाय से नामांकन का निर्णय लिया गया है।
सहकारी समिति नियमावली से हटेंगे भेदभावपूर्ण प्रावधान
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली, 2004 में संशोधन किया जाएगा। इसके तहत कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाकर न्यायालय द्वारा घोषित मानसिक अक्षमता संबंधी प्रावधान को शामिल किया जाएगा।
जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए नया प्रोटोकॉल
ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग तथा उन्हें ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरित करने के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया है।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के संचालन और हस्तांतरण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।
वन विकास निगम में स्केलर भर्ती प्रक्रिया होगी पारदर्शी
उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा संशोधन विनियमावली-2026 को लागू करते हुए स्केलर पदों पर भर्ती के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और चयन प्रक्रिया को आयोग की प्रणाली के अनुरूप बनाया जा सकेगा।
हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार का रास्ता साफ
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इससे हरिद्वार के साथ-साथ उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 लागू करने की मंजूरी दी है। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों के गठन और हड़ताल एवं तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ श्रमिकों के कौशल विकास और री-स्किलिंग फंड से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
कैबिनेट के फैसलों से विकास को मिलेगी नई दिशा
उत्तराखंड कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के जनकल्याण और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पशुपालकों को आर्थिक सहायता, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं, न्यायिक और खेल आधारभूत ढांचे का विस्तार, ईको टूरिज्म को बढ़ावा, ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में सुधार और औद्योगिक विकास से जुड़े फैसलों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार का फोकस रोजगार सृजन, पारदर्शी प्रशासन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और राज्य के संतुलित एवं समावेशी विकास पर है।
