मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ली हाई लेवल समीक्षा बैठक, प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली देने के निर्देश
देहरादून। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच उत्तराखंड सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने यूपीसीएल अधिकारियों को प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि 21 मई 2026 को पूरे देश में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बनाया और यह आंकड़ा 270.8 गीगावाट तक पहुंच गया। वहीं उत्तराखंड में भी अब तक की सर्वाधिक 2982 मेगावाट बिजली मांग दर्ज की गई।
हीटवेव से बढ़ी बिजली की खपत
देशभर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के कारण एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग में भारी वृद्धि हुई है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर पीक आवर्स में बिजली उपलब्धता प्रभावित हो रही है।
ऊर्जा एक्सचेंज में 10 रुपये प्रति यूनिट की अधिकतम दर होने के बावजूद पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही, लेकिन यूपीसीएल ने राज्य में अब तक किसी प्रकार की रोस्टरिंग नहीं होने दी है।
धामी सरकार की सक्रियता से मिली राहत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को केंद्रीय पूल से अतिरिक्त 150 मेगावाट बिजली आवंटित की है। इससे पहले राज्य को 250 मेगावाट बिजली पहले से आवंटित थी।
इसके अलावा मई माह के लिए ऊर्जा एक्सचेंजों के माध्यम से अग्रिम बिजली खरीद की व्यवस्था भी की गई है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बारिश और हिमपात से घटा जल विद्युत उत्पादन
पिछले कुछ दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और हिमपात के कारण जल विद्युत उत्पादन में लगभग 4 मिलियन यूनिट की कमी आई है। हालांकि अधिकारियों ने आने वाले दिनों में उत्पादन बढ़ने की संभावना जताई है।
जनता से अपील
राज्य सरकार और यूपीसीएल ने जनता से अपील की है कि वे शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक पीक आवर्स में बिजली का सीमित और किफायती उपयोग करें। विशेष रूप से एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन और अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों का कम इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
