सहसपुर और विकासनगर में कृषि विभाग की पहल बनी किसानों के लिए वरदान।
देहरादून, 13 मई 2026। देहरादून जनपद के सहसपुर और विकासनगर ब्लॉक में किसानों के लिए हाइब्रिड धान बीज किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहे हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषि विभाग की पहल ने परंपरागत खेती करने वाले किसानों की तस्वीर बदल दी है। बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफे ने किसानों में आधुनिक खेती के प्रति नया उत्साह भर दिया है।
वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा सहसपुर और विकासनगर की 20 ग्राम पंचायतों के 70 किसानों को 28 कुंतल हाइब्रिड धान बीज वितरित किए गए। इसके तहत 70 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड धान खेती शुरू की गई, जिसके परिणाम बेहद सकारात्मक सामने आए हैं।
पहले जहां किसान एक हेक्टेयर भूमि से औसतन 45 कुंतल धान उत्पादन प्राप्त कर रहे थे और उनकी आय करीब 81 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर थी, वहीं हाइब्रिड बीजों के प्रयोग के बाद उत्पादन बढ़कर 62 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गया। किसानों की आय भी बढ़कर लगभग 1.13 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गई। इस प्रकार किसानों की आय में करीब 32 हजार रुपये यानी लगभग 39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन मिलने से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब आसपास के अन्य किसान भी हाइब्रिड धान बीजों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र राणा ने बताया कि योजना के बेहतर परिणामों को देखते हुए खरीफ 2025 में हाइब्रिड धान उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाकर 186 हेक्टेयर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाइब्रिड बीज किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
क्या हैं हाइब्रिड बीज?
हाइब्रिड या संकर बीज दो अलग-अलग किस्मों के पौधों के नियंत्रित परागण से तैयार किए जाते हैं। ये बीज सामान्य बीजों की तुलना में अधिक उत्पादन देने के साथ-साथ कीट एवं रोगों के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं। कम पानी और अनियमित वर्षा की स्थिति में भी ये बेहतर उपज देने में सक्षम माने जाते हैं।
