सीएम धामी ने सदन में किया पूर्व मुख्यमंत्री खण्डूड़ी को याद, बोले— सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल था उनका जीवन – Republic India News

सीएम धामी ने सदन में किया पूर्व मुख्यमंत्री खण्डूड़ी को याद, बोले— सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल था उनका जीवन

भराड़ीसैंण विधानसभा में पूर्व सीएम मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी और पूर्व विधायक हीरा सिंह बिष्ट को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

देहरादून/भराड़ीसैंण। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी (सेवानिवृत्त) और पूर्व विधायक हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय खण्डूड़ी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल रहा। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सदन में ऐसे महान व्यक्तित्व का स्मरण करना भावुक क्षण है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक बेटी के लिए उसके पिता पहले नायक होते हैं, लेकिन जनरल खण्डूड़ी केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के नायक रहे। उन्होंने जीवन में जो भी जिम्मेदारी संभाली, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया तथा उच्च पदों पर रहते हुए भी अपने मूल्यों और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।

सेना से जनसेवा तक, हर भूमिका में छोड़ी अमिट छाप

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी ने भारतीय सेना में रहते हुए वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सेना की इंजीनियरिंग सेवाओं में उन्होंने सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। उनका सैन्य जीवन अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।

सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद खण्डूड़ी ने राजनीति और जनसेवा के क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू की। वर्ष 1991 में गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित होने के बाद उन्होंने पांच बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। संसद में उन्होंने उत्तराखंड की आकांक्षाओं और पृथक राज्य की मांग को मजबूती से उठाया। मुख्यमंत्री के अनुसार, उनके ओजस्वी वक्तव्यों और स्पष्ट विचारों ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन को वैचारिक मजबूती प्रदान की।

सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने में रहा अहम योगदान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में खण्डूड़ी ने देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। देश में सड़क संपर्क को मजबूत बनाने के लिए किए गए उनके प्रयासों का लाभ आज भी करोड़ों लोगों को मिल रहा है।

पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के पक्षधर थे खण्डूड़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 और 2011 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में खण्डूड़ी ने पारदर्शी, अनुशासित और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मिसाल पेश की। मजबूत लोकायुक्त व्यवस्था की दिशा में उनकी पहल भ्रष्टाचार के प्रति उनके सख्त रुख और स्वच्छ प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि खण्डूड़ी का मानना था कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है। उनकी कार्यशैली में सैन्य अनुशासन के साथ जनता के प्रति संवेदनशीलता और सेवाभाव का अनूठा समन्वय देखने को मिलता था।

खण्डूड़ी का मार्गदर्शन सदैव प्रेरित करता रहेगा: धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खण्डूड़ी ने उत्तराखंड की राजनीति और जनमानस में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनके व्यक्तित्व और कार्यों ने उनके जैसे अनेक युवाओं को भी देवभूमि की सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य रहा कि उन्हें खण्डूड़ी का स्नेह और मार्गदर्शन निरंतर प्राप्त होता रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मई 2026 को 91 वर्ष की आयु में खण्डूड़ी का निधन प्रदेश और राष्ट्र के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके निधन से सार्वजनिक जीवन के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हुआ है। उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्व अपने कार्यों, विचारों और आदर्शों के माध्यम से सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहते हैं। स्वर्गीय खण्डूड़ी का अनुशासित जीवन, ईमानदार कार्यशैली और उत्तराखंड के विकास के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक हीरा सिंह बिष्ट को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

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