श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सुगम यातायात पर विशेष जोर; स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल व आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश

हरिद्वार। हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेला-2027 को दिव्य एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियों में तेजी लाने पर जोर दिया है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बृहस्पतिवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में कुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और प्रभावी भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता में शामिल है।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए बनेगी व्यापक कार्ययोजना
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कुंभ मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। पिछले कुंभ आयोजनों के अनुभवों के आधार पर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि मेले का आयोजन सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
उन्होंने बसों और ट्रेनों के संचालन की ठोस योजना तैयार करने तथा उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इससे श्रद्धालुओं को यात्रा, परिवहन और आवागमन संबंधी जानकारी समय रहते मिल सकेगी।
भीड़भाड़ वाले दिनों में भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ट्रेनों के प्रस्थान से ठीक पहले प्लेटफॉर्म बदलने अथवा अन्य व्यवस्थाओं में अचानक बदलाव करने से बचा जाए। आपातकालीन परिस्थितियों में भीड़ की सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर उन्हें पहले से तैयार रखा जाए।
पार्किंग और शटल बस सेवाओं पर रहेगा जोर
कुंभ के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थलों और अस्थायी बस अड्डों के विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। पार्किंग स्थलों और बस अड्डों से प्रमुख घाटों तक श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाने के लिए शटल बस सेवाओं की व्यवस्था करने को भी कहा गया।
सतपाल महाराज ने कुंभ क्षेत्र की सड़कों के साथ मंदिरों और घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन आने वाली सड़कों को भी आवागमन के अनुकूल बनाए रखने पर जोर दिया गया। उन्होंने सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की प्रभावी जांच कराने के साथ रोप-वे की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
पुलिस और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएं होंगी मजबूत
कैबिनेट मंत्री ने कुंभ मेले के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा प्रमुख घाटों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और महत्वपूर्ण आवागमन मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा। किसी भी आपदा या आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी आवश्यक संसाधन और वैकल्पिक निकासी मार्ग पहले से तैयार रहने चाहिए। घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध करने के साथ वृद्धजनों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए रैंप बनाने तथा पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
अस्पताल, एंबुलेंस और चिकित्सा सुविधाओं की होगी पर्याप्त व्यवस्था
कुंभ मेले में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सतपाल महाराज ने अस्पतालों, एंबुलेंस, आवश्यक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और चिकित्साकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर उसका कड़ाई से पालन कराने को कहा। मेले के दौरान स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग को आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने पर जोर दिया गया।
स्वच्छता और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कूड़ा प्रबंधन, सीवरेज निस्तारण और पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शौचालयों की नियमित सफाई और पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री ने पानी की टंकियों की समय पर सफाई, जल की नियमित जांच और आपूर्ति की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।
निर्बाध बिजली, दूरसंचार और आकर्षक रोशनी से सजेगा हरिद्वार
कुंभ मेले के दौरान विद्युत आपूर्ति और दूरसंचार सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को समय से तैयारियां पूरी करने को कहा गया। इसके साथ ही हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों, पुलों और घाटों को आकर्षक स्वरूप देने के लिए सजावट, फसाड सुधार और आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
सतपाल महाराज ने कहा कि कुंभ मेले के लिए विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाएं केवल आयोजन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका लाभ हरिद्वार के लोगों को पूरे वर्ष मिलना चाहिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और स्थायित्व का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि ये सुविधाएं भविष्य में भी उपयोगी बनी रहें।
देश-दुनिया तक पहुंचेगी उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरिद्वार कुंभ-2027 उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसके लिए राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक विरासत का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने साधु-संतों की शोभायात्राओं के दौरान पुष्पवर्षा, स्वागत और अभिनंदन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि कुंभ मेले की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक गरिमा को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा सके।
मेलाधिकारी सोनिका ने दी निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी
बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला-2027 की तैयारियों और विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति से कैबिनेट मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अधिकांश कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं। पुलों, घाटों और सड़कों से संबंधित प्रमुख परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, नगर आयुक्त नंदन कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सिटी मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरी, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, उप मेला अधिकारी आकाश जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त तकनीकी सेल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, जल संस्थान, पेयजल निगम और एनएचएआई के अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया। वहीं, पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे, अपर जिलाधिकारी टिहरी शैलेन्द्र सिंह नेगी और अपर जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल फिंचा राम चौहान सहित देहरादून, पौड़ी और टिहरी जनपदों के अन्य अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर हुई इस समीक्षा बैठक में सुरक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ हरिद्वार में विकसित होने वाले बुनियादी ढांचे को दीर्घकालिक रूप से उपयोगी बनाना है।
